चरित्र ही इंसान का सबसे बड़ा धन स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज



 

आरा:– विष्णु नगर (बैंक कॉलोनी) में माँ मनोकामना मन्दिर के तृतीय स्थापना दिवस के सुअवसर पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज के मंगला नुशासन मे शुरू हुआ सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस में यज्ञाधीश श्रीस्वामी रंगनाथाचार्यजी महाराज ने व्यास पीठ से भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान् के बताए मार्ग पर चलने के लिए भगवान् को देख लेने से या साथ रहने मात्र से कुछ नहीं होता है। वस्तुतः जीवन के कल्याण तो उनके बताए जीवन शैली को अपनाकर उसी रास्ते पर चलने से होता है जैसे दुर्योधन भगवान् श्रीकृष्ण के साथ रहकर भी लालच,झगड़ा और विनाश के मार्ग पर हीं चला तो भाव और समर्पण ठाकुर जी में लगाना और अपने को गलत से बचाना हीं प्राथमिक है।

स्वामी जी ने कहा की चरित्र ही धन है चरित्र हीन इंसान मरा हुआ के समान है।अत:अपने बच्चों को संस्कार दीजिये,अन्य जाती में विवाह करने पर भी समूल नाश हो जाता है। चरित्र की रक्षा करना सीखाईए,ससमय विवाहादि संस्कार उसके अंदर दीजिये भगवान् की भक्ति बताईए तभी इस जीवन की सार्थकता है। अगर घरती पर भगवान ने इंसान को भेजा है तो कुछ सत्कर्म कीजिये ताकि मोक्ष की प्राप्ति हो सके क्योंकि मनुष्य का जीवन बहुत अच्छे कर्म से प्राप्त होता है
इस अवसर पर क्रान्तिकारी गोविन्दाचार्य,गोपी शर्मा आदि ने विधिविधान से यज्ञ के पूजा पाठ अनुष्ठान को विधिवत रूप से संपन्न कराया ।

वही हजारों श्रद्धालुओं ने कथासरित्सागर में डुबकी लगाई। वही राष्ट्रीय स्तर के मशहुर उद्घोषक रविरंजन राय मुकेश राय ने उपस्थित हजारों भक्तों को अपने सारगर्भित वाणी से खूब आंनदित किया और लोगो ने खूब तालियां बजाई वही महाराज श्री के द्वारा कई लोगो को सम्मानित किया गया इस मौके पर आरा शहर समेत आसपास के हजारों लोग उपस्थित थे,वही इस मौके पर लोगो के बीच प्रसाद वितरण किया गया एवं पूरा पंडाल भक्तों से पूरी तरह भरा हुआ था जहाँ की तिल रखने की जगह नही थी इस आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी


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